Monday, May 11, 2009

> राहुल बाबा, और संजू बाबा...<


राहुल बाबा, और संजू बाबा,
ओये शाबा, शाबा, ओये शाबा...

देश की आपको कोई फिकर नहीं,
दिखावे के सिवा कुछ आता नहीं,
फिर भी, लोग करें हैं आपकी वाह वा,
ओये शाबा, शाबा, ओये शाबा...

पात्रता से कोई मतलब भी नहीं,
घर-परिवार ही सबसे बात बड़ी,
मुंह में आपके चांदी का चमचा,
ओये शाबा, शाबा, ओये शाबा....

जनता
के दर्द का अहसास नहीं,
कष्टों से पड़ा आपका पाला नहीं,
और रहे, घडियाली आंसू बहा,
ओये शाबा, शाबा, ओये शाबा....

जो भी आप करो वोही ही सही,
ऐ के ४७ हो या हो भई क्वात्रोची,
नहीं
कोई, आपकी शक्ति का बयाँ,
ओये शाबा, शाबा, ओये शाबा....

एक से आतंक रोका गया नहीं,
दूसरे ने कोई कसर छोड़ी नहीं,
रहे वो, बेशर्मी से कांधार भुना,
ओये शाबा, शाबा, ओये शाबा....

राहुल बाबा, और संजू बाबा,
ओये शाबा, शाबा, ओये शाबा...


~जयंत चौधरी
(नमन है सच्चे राष्ट्र गौरवों को... और धिक्कार है तमाशेबीनों को...)
(लगाया गया फोटो किसी और ब्लॉग से लिया गया है,
किन्तु मैं उस ब्लॉग का पता खो चुका हूँ...
अतैव उसका नाम नहीं लिख पा रहा हूँ...
किन्तु सादर आभार है उनको जिन्होंने इस फोटो को दिखाया..)

19 comments:

AlbelaKhatri.com said...

anand aagaya bhai saheb, dhar ho toh aisee..............
BAHUT BAHUT BADHAI

Dr. Smt. ajit gupta said...

इस देश का नौकरशाह और पत्रकार यही चाहते हैं कि ऐसे ही राजपुत्र इस देश में आगे आएं। जिससे उनकी चांदी कटती रहे। जो लोग अपनी बात कहकर जनता को प्रभावित नहीं कर सकते वे आज बडे नेता बने हुए हैं। हाथ हिलाकर रोड शो करने से ही देश चल जाते तो फिर लोकतंत्र की कहाँ आवश्‍यकता थी, राजतंत्र को ही चलने देना चाहिए था। आपकी प्रस्‍तुति बढ़िया थी, मेरी बधाई स्‍वीकारे।

mark rai said...

sahi farmaya...isi ka naam raajniti hai .....

अमिताभ श्रीवास्तव said...

priya jaynt,
sabse pahle aapko bhagvad dhnyavaad dunga jo aapne apne maataa-pita ki tasvir apne blog par lagai/ jisne jivan dia use hamesha apne sabhi sad karyao me shamil karna hamari saflta ka soochak hota he/ unhe mera shat shat pranaam kahiyega, kyuki unki vajah se hi aaj mujhe jayant ki rachnaye padhne ko mil rahi he/

aapki 2 rachna mujhse chhoot gai thi// in dino kaafi vyastata he..kher..aaj padhi aour muskaan bikherte hue tippani de raha hoo/ muskaan isliye ki kavita ke madhyam se desh ke sapooto ka bakhaan bakhoobi se kiya he/inki kismat he ki ye log chandi ki chammach lekar peda hue, magar inki badkismati he ki in logo ne apni kismat ko saakaar nahi kiya//

"maataa ka karz"-
maa ke sandarbh me likhna sach me bada kathin hota he, har samay lgta he mano kuchh aour chhoot gaya, jise likhna tha//yadi esa lagta he to kyu? yahi maa ki aparmpaar mahima he// adbhut he maa/uska pyaar/ uska dulaar/ ishvar har knhi nahi pahuch sakta isiliye to usne maa banai he///rom-rom jiske naam se romanchit ho jata he/ shkti ka ahsaas hota he/ uski god me sir rakh mamtalu thapkiyo ki chah ......mujhe lagta he swarg bhi knha itna vebhav sampann he ...maa ki god to bhai...kahne ke liye shbd hi nahi he//
bahut sundar rachna he aapki////////

अनिल कान्त : said...

Politics hai baba !!

अनिल कान्त : said...

bhai ji 6th may se ghar gaya hua tha aur 11th ko lauta hoon...isi liye padh na saka...aage se shikayat ka mauka kam hi dunga :)

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

राजनीति का सटीक चित्रण।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

निर्झर'नीर said...

acchi tasvir lagayi hai.

ek accha vyyang bhi .

Jayant Chaudhary said...

अमित जी,

मुझे पता था की आपको मेरे माता-पिता जी की तस्वीर ब्लॉग पर लगाना पसंद आयेगा...
और क्यों नहीं... यह विचार आपके ब्लॉग से ही प्रेरित है. :))
इस बहाने हर दिन उनके दर्शन हो जाते हैं..
धन्यवाद आपको इतनी सुन्दर दिशा देने के लिए..

आपकी टिप्पणियाँ सदैव होती हैं मन भावन..
कभी मार्गदर्शन, कभी टीका, कभी प्रेरक और कभी प्रोत्साहन....

प्रणाम,
जयंत

Jayant Chaudhary said...

जाकिर साहेब,

आपके आगमन का शुक्रिया...
आते रहियेगा..

~जयन्त

Jayant Chaudhary said...

अनिल भाई,

आपको मिस कर रहा था..
इसलिए शिकायत कर रहा था...

:))

~जयन्त

Jayant Chaudhary said...

डॉ अजित जी,

आपने पहली बार टिपण्णी की है..
आगे और भी उम्मीदें हैं...

आप सच कहते हैं... जो जनता की प्रभावित नहीं कर सकते..
वोही नेता बने बैठे हैं..
काश की जनता उन्हें दूर से ही हाथ दिखा सके..

~जयन्त

Jayant Chaudhary said...

अलबेला जी,

तेल देखो और तेल की धार देखो..
:))

धन्यवाद,
जयन्त

ARUNA said...

जयंत जी कल टिप्पणी छोड़ना चाहती थी लेकिन नहीं हुआ!
आपके माता जी और पिता जी बहुत शांत स्वभाव के दिखते हैं!
आपने राहुल बाबा और संजू बाबा के बारे में बहुत अच्हा लिखा लेकिन इसी का नाम राजनीती है!
हम कुछ नहीं कर सकते!

somadri said...

photo ne hi bahut kuch kah diya hai..
"साड़ी दुनिया का बोझ ये उठाते है....यानि उठाएंगे "

Priya said...

Jayant,

Hum to first time aapke blog par aaye...aap to sachchi mein bahut badiya likhte hain.....Posts and topics all are good.

Jayant Chaudhary said...

अरुणा जी,

आपे आये,
बहार आईए...

(पुरानी पंक्तियाँ चुरा रहा हूँ..)

~जयंत

Jayant Chaudhary said...

सोमाद्री जी,

सच कहा आपने..
इनके जैसा बोझ उठाने हमें भी मिले तो क्या बात है..

और आइयेगा.

~जयंत

Jayant Chaudhary said...

प्रिया जी,

कितनी कर्ण-प्रिय बात, आपने कही है..
आखिर इसीलिए आपका नाम प्रिया है... :)

कोटि कोटि धन्यवाद...

~जयंत

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