Thursday, March 12, 2009

*** ऐसे महानायक पुनः चाहिए ***


चाणक्य को गुरु बना, भारत को एक सूत्रबद्ध कर,
भ्रष्ट शासन हटा, सुराज न्यायपूर्ण सुशासन चलाने,
चन्द्रगुप्त मौर्य पुनः चाहिए।

हिंसा जनित विनाश और त्राश, से सबक सीखकर,
अखिल विश्व को शान्ति-प्रेम का पाठ पढाने,
सम्राट अशोक पुनः चाहिए।

अन्याय व अत्याचारजनित धर्मंपरिवर्तन विरुद्ध,
अस्त्र उठा, सदैव सिंह की भांति लड़ने और जीतने,
छत्रपति शिवाजी पुनः चाहिए।

घोर विपदा मध्य, सूखी घास की रोटी का सेवन कर,
संकट में भी स्वाभिमान, और स्वधर्म की रक्षा करने,
महाराणा प्रताप पुनः चाहिए।

निर्बल और असहाय की, रक्षा हेतु सदैव तत्पर रह,
कठिनाई में भी अडिग हो, धर्म रक्षा हेतु बलिदान देने,
गुरु तेग बहादुर पुनः चाहिए।

साक्क्षात रणचंडी रूप धारणकर, अन्तिम श्वांस तक,
आंग्ल प्रभाव विरुद्ध, क्रान्ति की ज्वाला जलाने,
रानी लक्ष्मीबाई पुनः चाहिए।

स्वयं को "आजाद" बता, और पिता को "स्वतंत्र" बना,
अन्तिम गोली और साँस तक, आंग्ल शासको को थर्राने,
चंद्रशेखर आजाद पुनः चाहिए।

भारत पर सर्वस्व लुटा, क्रांतिकारियों को प्रेरित कर,
परतंत्रतावादियों को, देशभक्ति का सबक सिखाने,
शहीद भगत सिंघ पुनः चाहिए।

अहिंसा को तलवार बना, और सत्य के ढाल पहनकर,
सत्याग्रह-अहिंसा से, जनता को विजय दिलाने,
महात्मा गाँधी पुनः चाहिए।

आधुनिक चाणक्य बन, भारत को एकत्रित कर,
अनेको-अनेक विभाजनो से, देश को मुक्ति दिलाने,
सरदार पटेल पुनः चाहिए।

शत्रु से देश की रक्षा कर, बारम्बार रिपु का दमन कर,
अंततः भारत
माँ की रक्षा में, अपना शीश चढ़ाने,
मेजर विक्रम बत्रा पुनः चाहिए।

शिवाजी जैसे सिंह बालक को जन्मने, वीरता के पाठ पढा कर,
रगों में उसकी लौह डालकर, उसे वीर क्षत्रपति बनाने,
माता जीजा बाई पुनः चाहिए।

परिवारवाद को परे हटा, बालक चन्द्रगुप्त की प्रतिभा परखकर,
उत्तम विद्या से उसे ढालकर, एक महान शासक बनाने,
पंडित चाणक्य पुनः चाहिए।

जो भारत माँ पर सर्वस्व लुटा दे , बाह्य-आंतरिक शत्रु से रक्षा दे,
माँ का गौरव गान करा दे, उसकी खोई गरिमा लौटा दे,
ऐसे महानायक पुनः चाहिए।
ऐसे महानायक पुनः चाहिए।

~जयंत चौधरी
जुलाई २९, २००८



2 comments:

MARKANDEY RAI said...

jayant jee aapaki baat .... aaj jyaada prasangik hai... hame unaki aaj sakht jarurat hai..

Jayant Chaudhary said...

Markandey Ji,

Aap sach kahate hain, aise mahaan vyakti aaj chaahiye.
Aapke comment ke liye dhanyawaad.

~Jayant

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